फिर से आज सोना हुआ महंगा, असली सोने का पहचान करना जान लो, कभी आपको सुनार ठग नहीं सकता | Today gold price How to identify pure gold 2025
आज भारत में सोने का भाव
शहर | 22 कैरेट सोने का दाम (₹) | 24 कैरेट सोने का दाम (₹) |
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बैंगलोर | ₹73,450 | ₹80,120 |
चेन्नई | ₹73,550 | ₹80,220 |
दिल्ली | ₹73,550 | ₹80,220 |
हैदराबाद | ₹73,400 | ₹80,070 |
मुम्बई | ₹73,400 | ₹80,070 |
सोना में महंगाइ क्यों आई है
भारत के बाजार के सूत्रों ने कहा है की सोने के विक्रेताओं की ताजा मांग और बिदेशी बाजारों में मजबूती रुख के कारण सोने में तेजी आ गई है. अगर देखा जाए तो पुरे बैश्विक स्तर पर, कोमेक्स सोना व्वाय्दा 20.40 डॉलर प्रति औसत बढ़कर 20,708.70 प्रति औसत डॉलर हो गया है.
नई दिल्ली: विश्व बाजार में कीमती धातुओ में अचानक से बुधवार को रास्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 220 रूपये बढ़कर 80,800 रूपये प्रति 10 ग्राम हो गई है. अखिल भारतीय सर्रर्फा संघ ने यह जानकारी देते हुवे बताया. पिछले संन्न में सोंना 80,580 रूपये प्रति ग्राम पर बंद हुआ था. हालाँकि, कीमती धातुओ में से एक चांदी 91,700 रूपये प्रति किलो ग्राम पर स्थिर रही. 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 220 रूपये बढ़कर 80,400 रूपये प्रति ग्राम हो गया, जो की वही पिछले साल में यह 80,180 रूपये प्रति ग्राम पर बंद हुआ था.
कीमती आभूषण में अचानक से तेजी आने के मुख्या कारण
क्रम संख्या | कारण | विवरण |
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1 | डिमांड | सोने की डिमांड और सप्लाई का सीधा प्रभाव उसके दाम पर पड़ता है। जब डिमांड अधिक होती है और सप्लाई कम, तो दाम बढ़ता है। त्योहारों और विवाहों में डिमांड बढ़ जाती है। |
2 | इन्फ्लेशन | इन्फ्लेशन के समय करेंसी की वैल्यू घटती है, लोग अपनी संपत्ति को सोने में बदलते हैं, जिससे सोने के दाम में वृद्धि होती है। सोना इन्फ्लेशन के खिलाफ हेज का काम करता है। |
3 | इंटरेस्ट रेट्स | इंटरेस्ट रेट्स के बढ़ने पर लोग सोना बेच सकते हैं, जिससे सोने की डिमांड घट सकती है। इंटरेस्ट रेट्स घटने पर सोने की डिमांड बढ़ सकती है, जिससे दाम बढ़ते हैं। |
4 | मॉनसून | अच्छे मॉनसून और बंपर फसल से ग्रामीण क्षेत्रों में सोने की डिमांड बढ़ती है। इससे सोने के दाम पर प्रभाव पड़ता है। |
5 | सरकारी रिजर्व | सरकार के पास सोने का बड़ा रिजर्व होता है। अगर रिजर्व बढ़ता है, तो सोने की सप्लाई घटती है, जिससे दाम बढ़ सकते हैं। |
6 | करेंसी में उतार-चढ़ाव | सोने का ट्रेड डॉलर में होता है। भारतीय रुपया कमजोर होने पर सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिससे दाम बढ़ते हैं। |
7 | अन्य एसेट्स के साथ जुड़ाव | सोने का अन्य एसेट्स के साथ नकारात्मक या कम जुड़ाव होता है, जिससे यह एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और पोर्टफोलियो में वोलैटिलिटी से सुरक्षा प्रदान करता है। |
8 | भू-राजनीतिक कारण | युद्ध जैसे भू-राजनीतिक कारणों से सोने की डिमांड बढ़ती है क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, और ऐसी स्थिति में सोने के दाम में वृद्धि होती है। |
9 | ऑक्ट्रॉय चार्ज और एंट्री टैक्स | राज्य में सोने के आयात पर ऑक्ट्रॉय चार्ज और एंट्री टैक्स लगता है। वेल्थ टैक्स भी उस स्थिति में लगता है जब सोने की वैल्यू 30 लाख रुपये से अधिक होती है। |
10 | मेकिंग चार्ज | ज्वैलरी पर मेकिंग चार्ज लगता है, जो डिजाइन और ज्वैलर पर निर्भर करता है। यह चार्ज सोने के दाम को प्रभावित कर सकता है। |
आइये जानते है 22 कैरेट सोना और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर होता है
22 कैरेट सोना | 24 कैरेट सोना |
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इसमें शुद्ध सोने का 91.6% होता है। | इसमें शुद्ध सोने का 99.5% होता है। |
इसमें अन्य धातुएं जैसे सिल्वर, कॉपर आदि मिलाए जाते हैं। | इसमें केवल शुद्ध सोना होता है। |
यह सोना अपेक्षाकृत सख्त और मजबूत होता है। | यह सोना नर्म और लचीला होता है। |
यह सोना ज्वैलरी, बार, बुलियन और कॉइन बनाने में इस्तेमाल होता है। | यह सोना मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल और कंप्यूटर उपकरणों में उपयोग होता है। |
22 कैरेट सोना अपेक्षाकृत सस्ता होता है। | 24 कैरेट सोना सबसे महंगा होता है। |
इसका रंग हल्का पीला होता है। | इसका रंग ब्राइट येलो होता है। |
इसे आसानी से मोल्ड नहीं किया जा सकता है। | इसे आसानी से मोल्ड और आकार में ढाला जा सकता है। |
सोने का पहचान कैसे करे, जान लिजीये कभी आपके साथ धोखा नहीं होगा
1. हॉलमार्क (Hallmark)
हॉलमार्क सोने की शुद्धता को प्रमाणित करने का एक तरीका है, यह सोने एक बने हुवे आभूषण पर एक चिन्ह होता हीब जो उसकी शुद्धता को दर्शाता है. भारत में, हॉलमार्क चिन्ह् में BIS (Bereauof Indian Standards) का लोगो और शुद्धता की जानकारी (जैसे 22K या 24K) होती है।
2. आग में टेस्ट (Fire Test)
एक पुराना और विस्वसनीय तरीका सोने की पहचान करने का है, सोने को आग में तपाकर उसकी शुद्धता की जांच की जाती है. असली सोना जलता नहीं, बल्कि उसकी चमक बनी रहती है.
हालाँकि, यह तरीका गहनों के रूप में सोने पर काम नहीं करेगा, क्योकि गहने खराब भी हो सकते है.
3. नाइट्रिक एसिड टेस्ट (Nitric Acid Test)
इस टेस्ट में सोने के छोटे से हिस्से पर नाइट्रिक एसिड की बूंद गिराई जाती है। असली सोने पर कोई असर नहीं होता, जबकि नकली सोने में रासायनिक प्रतिक्रिया होती है और रंग बदलता है।
यह टेस्ट केवल अनुभवी jewellers द्वारा किया जाना चाहिए, क्योंकि नाइट्रिक एसिड खतरनाक हो सकता है।
3. नाइट्रिक एसिड टेस्ट (Nitric Acid Test)
इस टेस्ट में सोने के एक छ्गोते से हिस्से पर नाइट्रिक एसिड की बूंद गिराई जाती है. असली सोने पर कोई असर नही होता है, जबकि नकली सोना में रसांयनिक प्रतिक्रया होने लगती है और रंग बदलने लगती है.
यह टेस्ट केवल अनुभवी ज्वेल्लेर्स द्वारा ही किया जाना चाहिए क्योकि नाइट्रिक एसिड खतरनाक हो सकता है.
4. मैगनेट टेस्ट (Magnet Test)
असली सोना चुम्बक (magnet) द्वारा प्रभावित नहीं होता है. इसलिए, यदि सोना चुम्बक के पास जाते ही आकर्षित हो जाता है, तो आपको समझ जाना चाहिए की ये सोना नकली होता है. हालाँकि यह तरीका पुरी तरह से सही नहीं है क्यों की कुछ मिश्रीत धातु भी इस टेस्ट में पास हो सकती है.
5. स्ट्राइक या नोक टेस्ट (Scratch or Mark Test)
सोने की नोक को एक हल्की सी सतह पर रगडा जाता है. असली सोने की सतह पर कोई खरोच नहीं आता, और सोने का रंग हल्का पीला दिखता है, वही नकली सोना में खरोच पद जाती है और रंग बदल जाता है.
6. अकार और वजन (Size and Weight)
सोने का अकार और वजन अक्सर सामान होता है, लेकिन नकली सोने की वजन आमतौर पर हल्का होता है क्योकि उसमे मिश्रीत धातुएं हो सकती है. इसलिए आप एक अची ज्वेल्लेरी दुकान में इसका वजन करवा सकते है.
7. बॉयलिंग टेस्ट (Boiling Water Test)
एक छोटे से सोने के टुकड़े को उबालते समय असली सोना रंग में कोई बदलाव नहीं दिखता. लेकिन सोने में रंग बदल सकता है या उसमे बुलबुले बन सकते है.
8. पानी में डुबाकर टेस्ट (Water Displacement Test)
इस टेस्ट में सोने को पानी में डुबाकर देखा जाता है. असली सोना पानी में डूब जाता है और उसका वजन स्थिर होता है. जबकि नकली सोना या अन्य धातु से बने हुवे पर यह आसानी से डूब सकता है, लेकिन वजन में अंतर हो सकता है.
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